आइटीबीपी के जवान ने की पांच साथियों की हत्या


छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के कडेनार कैंप में आईटीबीपी की 45वीं बटालियन में बुधवार सुबह एक कांस्टेबल ने अपनी सर्विस राइफल से अपने पांच साथियों पर अंधाधुंध गोलियां बरसाकर उनकी जान ले ली। इसके बाद उसने खुद को भी गोली मार ली, जिससे उसकी भी मौत हो गई। मृतकों में हिमाचल के बिलासपुर जिले के हेड कांस्टेबल महेंद्र सिंह भी शामिल हैं। मृतक जवान अपने पीछे दो बेटों अर्णव व शौर्य के साथ पत्नी और माता-पिता को छोड़ गया। सूचना के बाद गांव में मातम का माहौल है। जवान की पत्नी और माता बेसुध हो गईं। माता को अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। फिलहाल यह जानकारी नहीं मिल सकी कि जवान ने ऐसा खौफनाक कदम क्यों उठाया। हालांकि माना जा रहा है कि वह छुट्टियां नहीं मिले से तनाव में था।

बस्तर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी. ने बताया कि आईटीबीपी कैंप में कांस्टेबल मसदूल रहमान ने सुबह साढ़े आठ बजे अचानक अपने साथियों पर फायरिंग शुरू कर दी। इसमें चार जवानों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन घायल हो गए। एक जवान की अस्पताल में इलाज के दौरान जान चली गई। वारदात को अंजाम देने के बाद रहमान ने खुद को भी गोली मार ली।

इस घटना में महेंद्र सिंह निवासी संडियार डाकघर छत तहसील घुमारवीं जिला बिलासपुर (हिमाचल) की भी जान चली गई। अन्य मरने वालों में पश्चिम बंगाल के कांस्टेबल सुरजीत सरकार निवासी नॉर्थ श्रीरामपुर और कांस्टेबल विश्वरूपी महतो निवासी खुक्रामपुरा पुरलिया, हेड कांस्टेबल दलजीत सिंह निवासी जागपुर लुधियाना पंजाब, कांस्टेबल बजीश निवासी एरावतूर कोझिकोड केरल शामिल हैं। 


 



घायल जवानों में कांस्टेबल उल्लास निवासी तिरुवनंतपुरम केरल और कांस्टेबल सीताराम निवासी राजस्थान शामिल हैं। घायल जवानों को हेलिकाप्टर से रायपुर ले जाया गया। अभी तक जवान का शव बिलासपुर नहीं पहुंचा है। शव पहुंचने के बाद सैन्य सम्मान के साथ जवान को अंतिम विदाई दी जाएगी। 

आईटीबीपी प्रवक्ता ने ये कहा
हमलावर जवान किसी अन्य जवान की गोली का शिकार नहीं हुआ, अपितु उसने खुद का जीवन ही खत्म कर लिया। इससे पहले यह जानकारी सामने आई थी कि घटना के समय वह दूसरे जवानों की गोलियों का निशाना बनाया गया

अन्सार खान पत्रकार 

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