अमृतकुंभ स्नान के लिए गंगा घाटों पर लगा आस्था का सैलाब

कासगंज के सोरों में मार्गशीर्ष मेला शुरू हो चुका है। तीर्थनगरी के वार्षिक अमृत कुंभ का पहला स्नानपर्व आज है। भगवान वराह की मोक्ष स्थली में स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी है। श्रद्धालुओं ने शनिवार शाम से ही डेरा डाल दिया था।  एकादशी पर्व पर सोरों में करीब एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं से आने की संभावना है। मेले में लोगों की भीड़ पहुंच रही है। एकादशी पर्व पर गंगा स्नान को लेकर शनिवार को ही राजस्थान, मध्यप्रदेश सहित कई प्रांतों के श्रद्धालु पहुंच गए थे।

रविवार भोर से ही हरिपदी गंगा में स्नान का सिलसिला शुरू हो गया है। कड़ाके भी सर्दी भी श्रद्धालुओं की आस्था को नहीं डिगा पाई है। गंगा के घाटों पर श्रद्धालु हर हर गंगे के जयकारे लगाकर आस्था की डुबकी लगा रहे हैं।



मोक्षदा एकादशी का महत्व


मोक्षदा एकादशी का अपना अलग महत्व है। आज के दिन भगवान वराह ने पाताल लोक से पृथ्वी को बाहर निकाला था। उसके बाद हिरण्याक्ष राक्षस का वध करने के बाद एकादशी के दिन व्रत रखा था और हरिपदी गंगा में स्नान किया। उसके अगले दिन द्वादशी पर भगवान वराह मोक्षधाम के लिए चले गए। 

पंडित रामखिलावन शास्त्री ने बताया कि उस समय नारद जी ने भगवान वराह से पूछा था कि कलयुग में आपके महत्व का क्या प्रमाण होगा तो भगवान वराह ने कहा कि जो भी व्यक्ति अपने पूर्वजों की अस्थियां हरिपदी में विसर्जित करेगा, मैं उन अस्थियों को 72 घंटे में विलीन कर लूंगा और यह प्रमाण आज भी है।



सोमवार को भी होगा स्नान


मार्गशीर्ष माह का पहला स्नान सोमवार को होगा। इसके बाद द्वादशी पर द्वितीय स्नान का भी विशेष महत्व है। इसलिए द्वितीय स्नान पर भी भीड़ उमड़ेगी। इसको लेकर भी प्रशासन ने तैयारियां की हैं। पालिका और प्रशासन श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था भी कर रहा है।

सोरों कोतवाली प्रभारी रिपुदमन सिंह ने बताया कि मेला ग्राउंड का निरीक्षण किया गया है। सुरक्षा को लेकर पूरी सतर्कता है। शनिवार शाम से ही पुलिस पीएसीबल तैनात कर दिया है। यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए कासगंज-बरेली मार्ग पर पुलिस फोर्स लगाया गया है। 

 

अन्सार खान पत्रकार 

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