- हैदराबाद में पशु चिकित्सक के साथ हैवानियत करने वाले चारों आरोपियों को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया
- ये मामला 27-28 नवंबर की रात का है, चारों आरोपियों ने स्कूटर पार्क करती महिला डॉक्टर को देखते ही रची साजिश
- इन सभी आरोपियों को पुलिस रिमांड में रखा गया था, पुलिस चारों को घटनास्थल पर ले गई थी
हैदराबाद में पशु चिकित्सक के साथ हैवानियत करने वाले चारों आरोपियों को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया है। तेलंगाना पुलिस के अनुसार आरोपियों को राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर क्राइम सीन रीकंस्ट्रक्ट करने के लिए ले जाया गया था। इस दौरान आरोपियों ने पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस ने उनपर गोलियां चला दीं। इस मुठभेड़ में चारों आरोपियों की मौके पर ही मौत हो गई।
तेलंगाना हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि पशु चिकित्सक से दुष्कर्म और जलाकर मारने के आरोपियों के शवों को 9 दिसंबर तक सुरक्षित रखा जाए।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने इस मुठभेड़ के मामले में स्वत: संज्ञान लिया है। एनएचआरसी ने फौरन ही एक टीम तेलंगाना के लिए रवाना कर दी है, जो तथ्यों की पड़ताल करेगी। यह टीम वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) की अगुवाई में बनाई गई है। टीम जांच पूरी कर जल्द से जल्द अपनी रिपोर्ट आयोग को सौंपेगा। आयोग ने कहा है कि देशभर में दुष्कर्म और यौन उत्पीड़न के बढ़ते मामलों का पहले ही संज्ञान लेकर राज्य महिला आयोगों और पुलिस प्रमुखों समेत केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय से इस तरह के मामलों की विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। उधर, इस मामले में केंद्र सरकार ने भी हिरासत में हुए मुठभेड़ पर तेलंगाना सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। संसद के सत्र में जवाबदेही सुनिश्चित करने और मामले की संवेदनशीलता के चलते सरकार तथ्यों के साथ 66पूरी तैयारी रखने के लिए मामले पर पैनी निगाह बनाए है।
साइबराबाद पुलिस कमिश्नर ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा- महिला डॉक्टर से दुष्कर्म और हत्या के आरोपी आज सुबह मुठभेड़ में मारे गए। हत्या कर पीड़िता को जला दिया गया था। इस मामले में हमारे पास ठोस सबूत हैं।
साइबराबाद पुलिस कमिश्नर सज्जन्रार ने कहा कि 4 और 5 दिसंबर को हमने आरोपी को पुलिस हिरासत में लेने के बाद पूछताछ की थी। आज पुलिस ने जांच के दौरान क्राइम सीन रीकंस्ट्रक्ट करने के लिए आरोपी को अपराध स्थल पर लाया। इसके बाद आरोपियों ने पुलिस पर हमला किया और उनसे हथियार छीन लिए और उन्होंने पुलिस पर गोलीबारी शुरू कर दी।
इसके बाद पुलिस ने उन्हें चेतावनी दी और आत्मसमर्पण करने के लिए कहा लेकिन वे गोलियां चलाते रहे। फिर हमने गोलाबारी की और वे मुठभेड़ में सभी मारे गए। मुठभेड़ के दौरान पुलिस के दो जवान घायल हो गए हैं। उन्हें स्थानीय अस्पताल में भेज दिया गया है।
हमने आरोपी व्यक्तियों से दो हथियार भी जब्त किए हैं। आरोपियों के शव को पोस्टमार्टम के लिए स्थानीय सरकारी अस्पताल में भेज दिया गया है। मुठभेड़ के समय आरोपी व्यक्तियों के साथ लगभग 10 पुलिस थे। हमने घटनास्थल से पीड़ित का मोबाइल फोन भी बरामद किया है। मैं केवल यह कह सकता हूं कि कानून ने अपना कर्तव्य निभाया है।
हमें संदेह है कि आरोपी कर्नाटक में कई अन्य मामलों में भी शामिल थे, जांच जारी है।
तेलंगाना हाईकोर्ट ने शव को सुरक्षित रखने का दिया आदेश
तेलंगाना हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि पशु चिकित्सक से दुष्कर्म और जलाकर मारने के आरोपियों के शवों को 9 दिसंबर तक सुरक्षित रखा जाए।
एनएचआरसी की टीम जांच के लिए रवाना, केंद्र ने भी मांगी रिपोर्ट
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने इस मुठभेड़ के मामले में स्वत: संज्ञान लिया है। एनएचआरसी ने फौरन ही एक टीम तेलंगाना के लिए रवाना कर दी है, जो तथ्यों की पड़ताल करेगी। यह टीम वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) की अगुवाई में बनाई गई है। टीम जांच पूरी कर जल्द से जल्द अपनी रिपोर्ट आयोग को सौंपेगा। आयोग ने कहा है कि देशभर में दुष्कर्म और यौन उत्पीड़न के बढ़ते मामलों का पहले ही संज्ञान लेकर राज्य महिला आयोगों और पुलिस प्रमुखों समेत केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय से इस तरह के मामलों की विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। उधर, इस मामले में केंद्र सरकार ने भी हिरासत में हुए मुठभेड़ पर तेलंगाना सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। संसद के सत्र में जवाबदेही सुनिश्चित करने और मामले की संवेदनशीलता के चलते सरकार तथ्यों के साथ 66पूरी तैयारी रखने के लिए मामले पर पैनी निगाह बनाए है।
पुलिस की प्रेस कांफ्रेंस
साइबराबाद पुलिस कमिश्नर ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा- महिला डॉक्टर से दुष्कर्म और हत्या के आरोपी आज सुबह मुठभेड़ में मारे गए। हत्या कर पीड़िता को जला दिया गया था। इस मामले में हमारे पास ठोस सबूत हैं।
साइबराबाद पुलिस कमिश्नर सज्जन्रार ने कहा कि 4 और 5 दिसंबर को हमने आरोपी को पुलिस हिरासत में लेने के बाद पूछताछ की थी। आज पुलिस ने जांच के दौरान क्राइम सीन रीकंस्ट्रक्ट करने के लिए आरोपी को अपराध स्थल पर लाया। इसके बाद आरोपियों ने पुलिस पर हमला किया और उनसे हथियार छीन लिए और उन्होंने पुलिस पर गोलीबारी शुरू कर दी।
इसके बाद पुलिस ने उन्हें चेतावनी दी और आत्मसमर्पण करने के लिए कहा लेकिन वे गोलियां चलाते रहे। फिर हमने गोलाबारी की और वे मुठभेड़ में सभी मारे गए। मुठभेड़ के दौरान पुलिस के दो जवान घायल हो गए हैं। उन्हें स्थानीय अस्पताल में भेज दिया गया है।
हमने आरोपी व्यक्तियों से दो हथियार भी जब्त किए हैं। आरोपियों के शव को पोस्टमार्टम के लिए स्थानीय सरकारी अस्पताल में भेज दिया गया है। मुठभेड़ के समय आरोपी व्यक्तियों के साथ लगभग 10 पुलिस थे। हमने घटनास्थल से पीड़ित का मोबाइल फोन भी बरामद किया है। मैं केवल यह कह सकता हूं कि कानून ने अपना कर्तव्य निभाया है।
हमें संदेह है कि आरोपी कर्नाटक में कई अन्य मामलों में भी शामिल थे, जांच जारी है।
अन्सार खान पत्रकार
7905251726