जब जब उन्नाव चर्चाओं में आता है हर बार गिरती है पुलिस गाज

उन्नाव पिछले दो साल में तीसरी बार सुर्खियों में है। यह जिला जब भी सुर्खियों में आया, तब गाज पुलिस पर जरूर गिरी है। इस बार भी एक पुलिस अधिकारी को हटाया जा चुका है और दूसरे अधिकारी पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है। सबसे पहले चर्चा में यह जिला तब आया जब माखी थाना क्षेत्र के एसएचओ पर स्थानीय विधायक को दुष्कर्म के मामले में बचाने का आरोप लगा। दुष्कर्म पीड़िता ने लखनऊ पहुंचकर आत्मदाह की कोशिश की, लेकिन बच गई। 

इसके दो दिन बाद पीड़िता के पिता को थाने में पीट-पीट कर मार डाला गया। मामले ने तूल पकड़ा, जांच सीबीआई तक पहुंची और सीबीआई ने माखी थाने के एसएचओ समेत आधा दर्जन पुलिस कर्मियों को सलाखों के पीछे भेज दिया। एसपी और सीओ को जिले से हटा दिया गया।

यह मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि पैरवी के लिए अपने वकील के साथ रायबरेली जा रही इसी मामले की रेप पीड़िता की गाड़ी एक ट्रक से टकरा गई, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई। आरोप फिर आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के लोगों पर लगा। 

यह मामला भी सीबीआई को सौंपा गया और कई दिनों तक सीबीआई रायबरेली और उन्नाव की खाक छानती रही और कई दिनों तक उन्नाव में डेरा डाले रखा। इस मामले में भी पीड़िता की सुरक्षा में लगे पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।

अब ताजा मामला भी इसी जिले में हुए दुष्कर्म का है। लेकिन यह न तो माखी थाने का है और न ही किसी विधायक से जुड़ा है। फिर भी सुर्खियों में इसलिए है कि रेप पीड़िता को आग के हवाले कर दिया गया। 

उन्नाव, लखनऊ और दिल्ली के अस्पतालों में जिंदगी से जंग लड़ने के बाद उसकी मौत हो गई। इस मामले में भी एएसपी विनोद कुमार पांडेय को हटा दिया गया। घटना को लेकर दिए गए विवादित बयान को लेकर स्थानीय सीओ पर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है। 

अब युवा अफसरों पर भरोसा
सरकार ने उन्नाव की स्थिति संभालने के लिए युवा अफसरों पर भरोसा दिखाया है। 3 दिसंबर को यहां की कमान 2014 बैच के आईपीएस विक्रांतवीर ने बतौर एसपी संभाली थी। विक्रांतवीर का किसी जिले का यह पहला चार्ज है। इससे पहले वे लखनऊ में एसपी ग्रामीण, एसपी उत्तरी, एएसपी बलिया के पद पर तैनात रह चुके हैं। 

विक्रांत को जिले की कमान पहली बार मिली है। घटना के बाद हटाए गए एएसपी विनोद कुमार पांडेय के स्थान पर डायरेक्ट आईपीएस धवल जायसवाल को भेजा गया है। धवल 2016 बैच के अधिकारी हैं। वे बतौर प्रशिक्षु प्रयागराज में और मेरठ में सहायक पुलिस अधीक्षक के रूप में तैनात रहे हैं। अब देखना है जायसवाल उन्नाव में कितने दिनों तक जम पात हैं।


अन्सार खान पत्रकार 


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