झांसी। सरकार द्वारा गैर कानूनी घोषित किए जाने के बाद भी हड़ताल कर रहे लेखपालों के प्रति प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। 18 लेखपालों को सेवा बर्खास्तगी का नोटिस जारी किया गया है। इसके अलावा निलंबन की कार्रवाई भी लगातार जारी है। आठ सूत्रीय मांगों को लेकर लेखपाल 13 दिसंबर से हड़ताल पर हैं। इससे राजस्व विभाग का कामकाज बुरी तरह से प्रभावित बना हुआ है। जबकि, प्रदेश सरकार हड़ताल को गैर कानूनी घोषित कर चुकी है। हड़ताल से निपटने के लिए प्रशासन द्वारा सख्त रुख अख्तियार किया जा रहा है। मंगलवार को जिले में तैनात 252 लेखपालों में से 173 के खिलाफ ब्रेक इन सर्विस की कार्रवाई की गई थी। बावजूद, हड़ताल जारी रही। अब प्रशासन ने 18 हड़ताली लेखपालों को सेवा बर्खास्तगी का नोटिस जारी किया है। इनमें झांसी सदर तहसील के दो, मोंठ के पांच, मऊरानीपुर के नौ और टहरौली तहसील के दो लेखपाल शामिल हैं। ये लेखपाल वे हैं, जो हड़ताल को हवा देने में जुटे हुए हैं। काम न करने का संतोषजनक जवाब न देने पर लेखपालों को नौकरी से हाथ धोना पड़ सकता है। इसके अलावा निलंबन की कार्रवाई भी लगातार जारी है। वहीं, गरौठा तहसील के सात लेखपालों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई अमल में लाई गई।
60 लेखपाल काम पर लौटे
हड़ताली लेखपालों के खिलाफ प्रशासन के सख्त रुख का असर भी नजर आने लगा है। लेखपाल हड़ताल को छोड़ काम पर लौटने लगे हैं। अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) बी प्रसाद ने बताया कि अब तक जिले में 60 लेखपाल काम पर वापस लौट आए हैं। जल्द ही ये संख्या और बढ़ जाएगी।
अन्सार खान पत्रकार
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