झांसी। ट्रेनों में अवैध खानपान का कारोबार खूब फलफूल रहा है। इसकी कमान तीन माफियाओं के हाथों में है। आरपीएफ कमांडेंट ने अवैध वेंडिंग पर लगाम कसने के लिए एक टीम का गठन कर रखा है, जो प्रतिदिन दो से तीन अवैध वेंडर पकड़ती है। मगर, इसके बाद भी अवैध वेंडिंग को बढ़ावा देने वाले माफिया अपने लोगों को सक्रिय बनाए हैं। इसके चलते कमांडेंट ने ललितपुर, तालबेहट और बबीना के चौकी और थाना प्रभारियों को वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी भी जारी की है। रेल मंडल झांसी से बीना, झांसी से धौलपुर, झांसी से भीमसेन और झांसी से मानिकपुर तक फैला हुआ है। प्रतिदिन मंडल से दो सौ से अधिक ट्रेनें गुजरती हैं। रेल प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा के लिए सभी प्रमुख स्टेशनों के प्लेटफार्मों पर खानपान का इंतजाम कर रखा है। बावजूद, इसके ट्रेन और प्लेटफार्मों पर अवैध वेंडिंग थम नहीं रही है। सूत्रों के अनुसार ट्रेनों को तीन माफियाओं ने आपस में बांट रखा है, उसी हिसाब से उनके वेंडर खानपान सामग्री बेचने का काम करते हैं। सबसे ज्यादा गुटखा, बीड़ी, सिगरेट, मूंगफली, अनाधिकृत कंपनी का पानी, पेठा बेच रहे हैं।
खासकर पंजाब मेल, साबरमती एक्सप्रेस, कुशीनगर एक्सप्रेस, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस, झेलम एक्सप्रेस, समता एक्सप्रेस, अंडमान एक्सप्रेस, ग्वालियर बरौनी मेल, झांसी लखनऊ इंटरसिटी, झांसी लखनऊ पैसेंजर, झांसी कानपुर पैसेंजर, झांसी बांदा पैसेंजर आदि ट्रेनों में पेठा जा रहा है। इतना ही नहीं, घटिया क्वालिटी का पेठा एक सौ रुपये प्रति किलो बेचा जा रहा है। उसमें भी मात्रा एक किलो की जगह छह सौ से सात सौ ग्राम ही दी जा रही है। इस अवैध कारोबार की जानकारी होने के बाद भी आरपीएफ, आरपीएफ की खुफिया शाखा व जीआरपी शांत बनी हुई है, इससे रेल प्रशासन को राजस्व की व यात्रियों को स्वास्थ्य की हानि हो रही है।
अवैध वेंडरों को पकड़ने के लिए एक सहायक उपनिरीक्षक के नेतृत्व में स्पेशल टीम को लगाया गया है। जो अच्छा काम कर रही है। साथ ही जिन सेक्शन में अवैध वेंडिंग की ज्यादा शिकायत रहती है, उनके चौकी व थाना प्रभारियों को वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
अन्सार खान पत्रकार
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