कारोबारी की पत्नी के ₹4000000 हड़पने पर सिपाही गिरफ्तार

चिनहट पुलिस ने कानपुर के शस्त्र कारोबारी की पत्नी सांझी सरना के 40 लाख रुपये हड़पने के आरोप में शनिवार दोपहर पुलिस लाइन में तैनात सिपाही विशाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया।  इंस्पेक्टर सचिन कुमार सिंह ने बताया कि सिपाही ने अपनी कार से अन्य बदमाशों को लेकर वारदात की थी। पुलिस ने दो दिन पहले ही गिरोह के चार बदमाशों को पकड़कर करीब 19 लाख नकद और फर्जी मुहर, पासपोर्ट और स्कूटी समेत अन्य दस्तावेज बरामद किए थे। इंस्पेक्टर का कहना है कि सिपाही को जेल भेज दिया गया है। वारदात में शामिल दो अन्य बदमाशों की तलाश में दबिश दी जा रही है।

सीओ गोमतीनगर संतोष कुमार सिंह ने बताया कि सिपाही मूलरूप से अयोध्या के महाराजगंज स्थित दलपतपुर गांव का है और यहां पुलिस लाइन में तैनात था। गिरफ्तारी के बाद उसे निलंबित कर दिया गया है। पूछताछ में उसने बताया कि छह दोस्तों के साथ मिलकर सांझी सरना को ठगने की साजिश रची थी। 

सांझी को बताया गया कि एक बैंक में बंद खाते में एक करोड़ रुपये जमा हैं। बदमाशों ने बैंक मैनेजर से करीबी संबंध बताते हुए कहा कि वह बंद खाते का रुपया उन्हें देने के लिए 50 लाख रुपये मांग रहा है। यह रकम बैंक मैनेजर को मिलते ही उक्त खाते के एक करोड़ रुपये उनके पास आ जाएंगे। 

बदमाशों की बातों में आकर सांझी सरना शनिवार को अपने भाई यश और कर्मचारी सौरभ के साथ 40 लाख रुपये लेकर लखनऊ आईं। उनका कहना था कि बहन की शादी के लिए उन्हें रुपयों की जरूरत थी। शनिवार रात वह बैंक प्रबंधक को रुपया देने उसके घर की तरफ जा रही थीं तभी चिनहट के मानस गार्डन के पास कार सवार बदमाशों ने उन्हें रोककर रुपया गिनने के बहाने हड़प लिया और भाग निकले। 

पुलिस ने छानबीन के बाद सांझी के कर्मचारी छोटा घोसियाना निवासी सौरभ उर्फ अमित उर्फ रवि लोचन गुप्ता, बाराबंकी के देवा में रहने वाले राजेंद्र मौर्या, गोमतीनगर के विनयखंड तीन निवासी गुड्डू शर्मा उर्फ सच्चिदानंद शर्मा और मुकेश मौर्या को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में चारों ने बताया था कि कार सिपाही विशाल सिंह की थी। इसके बाद पुलिस ने उसे दबोच लिया। विशाल के पास से 25 हजार रुपये और वारदात में इस्तेमाल उसकी कार बरामद की गई है।


अन्सार खान पत्रकार 


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