लंदन में भी हुआ कैब का विरोध-प्रदर्शन भारतीय गवर्नमेंट को विफल बताया


नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ जहां देश के कई हिस्सों में विरोध-प्रदर्शन हो रहा है वहीं शनिवार को लंदन में भी भारतीय उच्चायोग के बाहर प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शनकारियों ने इसे मोदी सरकार की विफलता करार दिया।


ब्रिटिश असमिया समुदाय के एक समूह ने शांतिपूर्ण तरीके से अपने पारंपरिक परिधान पहनकर बच्चों के साथ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे लोग असमिया और अंग्रेजी भाषा में लिखी तख्तियां दिखा रहे थे। इसमें लिखा था 'सेव डेमोक्रेसी, स्टॉप कैब।'

प्रदर्शन के दौरान नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ नारेबाजी भी की। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, 'असम एकजुट है और कैब विभाजनकारी है। विभाजन को ना कहिए और एकता को हां।'

इसके साथ ही इंडियन ओवरसीज कांग्रेस की ब्रिटिश इकाई ने नई दिल्ली के साथ-साथ दुनियाभर में 'भारत बचाओ रैली' का आयोजन किया। इंडियन ओवरसीज कांग्रेस की ब्रिटिश इकाई के प्रवक्ता ने कहा कि यह रैली मोदी सरकार की विफलताओं के खिलाफ है, जिनमें आर्थिक संकट, बेरोजगारी, किसान संकट और विभाजनकारी राजनीति शामिल हैं। नागरिकता संशोधन अधिनियम को लेकर उन्होंने कहा, यह असंवैधानिक है, इसने पूर्वोत्तर राज्यों में आग लगा दी है। 

कांग्रेस के प्रदर्शनकारियों ने बैनर और तख्तियां पकड़ रखी थी, जिसपर लिखा था भाजपा महिलाओं और किसानों के खिलाफ। इंडियन ओवरसीज कांग्रेस की ब्रिटिश इकाई के अध्यक्ष कमल धालीवाल ने कहा, मोदी सरकार की गलत नीतियों के कारण हमारे समुदाय के सभी वर्ग आज पीड़ित हैं। युवाओं को नौकरियों की जरूरत है, महिलाओं को सुरक्षा की जरूरत है, किसानों को अपनी फसलों के उचित दाम चाहिए। मोदी जी ने चुनावों के दौरान जो वादे किए थे, वे कहीं नहीं दिख रहे हैं।


अन्सार खान पत्रकार 


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