खास बातें
जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) कैंपस में रविवार को छात्रों के दो गुटों में जमकर मारपीट हुई। देर शाम नकाब पहने 40 से 50 युवकों की भीड़ कैंपस में पहुंची और छात्रों, हॉस्टल, वाहनों पर लाठियों व पत्थरों से हमला किया। इस हमले में जेएनयू छात्रसंघ की अध्यक्ष आईषी घोष और महिला शिक्षक सुचित्रा सेन को सिर में गंभीर चोट आई है। वहीं करीब 30 से ज्यादा छात्र और शिक्षक भी घायल हुए हैं।
लाइव अपडेट
11:08 PM, 05-JAN-2020
देर रात मुकदमा दर्ज कराने के लिए आईटीओ किया जाम
जेएनयू विवाद के बाद पुलिस मुख्यालय के बाहर एकत्रित हुए छात्रों ने रविवार देर रात आईटीओ जाम कर दिया। छात्रों की मांग है कि जल्द से जल्द इस मामले में मुकदमा दर्ज कर दोषियों को गिरफ्तार करना चाहिए। उनका आरोप है कि दिल्ली पुलिस इस मामले में काफी नरम रवैया अपना रही है। हाथों में मोमबत्तियां और होर्डिंग इत्यादि लेकर पुलिस मुख्यालय के बाहर काफी देर तक छात्र प्रदर्शन करते रहे। आईटीओ से नोएडा और पूर्वी दिल्ली जाने वाले मार्ग को छात्रों ने रोक दिया।
हालांकि खबर लिखे जाने तक पुलिस की ओर से छात्रों को ठोस कार्रवाई करने का आश्वासन दिया जा रहा था और छात्रों से सड़क मार्ग को अवरोध नहीं करने की अपील की जा रही थी। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि जेएनयू में घटना काफी गलत हुई है। इस मामले में तत्काल पुलिस को मारपीट करने वालों को गिरफ्तार करना चाहिए। हालांकि इस छात्रों के आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला जारी रहा। लेफ्ट छात्रों का आरोप है कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के छात्रों ने हिंसा की है। जबकि एबीवीपी का कहना है कि इस घटना में उनके छात्र सबसे ज्यादा घायल हुए हैं। लेफ्ट के छात्रों ने उन पर लाठी, लोहे की रॉड इत्यादि से हमला किया है।देर रात को प्रदर्शनकारियों के बीच डी राजा पहुंच गए थे।
11:07 PM, 05-JAN-2020
जेएनयू हिंसा की मनोज तिवारी ने की निंदा
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने जेएनयू हिंसा की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि इस मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए तथा आरोपियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। जनादेश द्वारा ठुकरा दिए गए जनाधार विहीन राजनीतिक दलों और नेताओं की हताशा विश्वविद्यालयों में हिंसा के रूप में सामने आ रही है।
11:03 PM, 05-JAN-2020
पुलिस ने जेएनयू में किया फ्लैग मार्च
जेएनयू में रविवार देर शाम को हालात नियंत्रण में रहे। दिल्ली पुलिस ने जेएनयू प्रशासन की अनुमति के बाद जेएनयू में प्रवेश कर लिया। पुलिस ने जेएनयू के अंदर फ्लैग मार्च किया। हॉस्टल के बाहर पुलिसकर्मी तैनात कर गए। पुलिस ने देर रात को जेएनयू को अपने कब्जे में ले लिया। जेएनयू के दोनों गेटों पर भारी संख्या में पुलिसबल तैनात रहा। दूसरी तरफ केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने देर रात दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से बात की और जेएनयू की स्थिति के बारे में जाना। बताया जा रहा है कि गृहमंत्रालय ने जेएनयू बवाल को लेकर दिल्ली पुलिस से रिपोर्ट मांगी है।
10:57 PM, 05-JAN-2020
जेएनयू मामले की जांच शालिनी सिंह करेंगी
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि गृहमंत्रालय ने जेएनयू मामले में जांच बैठा दी है। गृहमंत्रालय ने आदेश दिया था कि आईजी स्तर की पुलिस अधिकारी मामले की जांच करेगा। लिहाजा रविवार देर रात को जांच बैठा दी गई और पश्चिमी परिक्षेत्र की संयुक्त पुलिस आयुक्त शालिनी सिंह मामले की जांच करेंगी। माना जा रहा है कि दिल्ली पुलिस एक-दो दिन में गृहमंत्रालय को रिपोर्ट दे सकती है।
10:56 PM, 05-JAN-2020
जेएनयू छात्रों पर हमले की न्यायिक जांच हो: अखिलेश
जेएनयू छात्रों और शिक्षकों पर हमले को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने निंदनीय बताया है। रविवार रात को हुए हमले की उन्होंने उच्चस्तरीय न्यायिक जांच की मांग की है। उधर भाकपा माले की राज्य इकाई ने भी जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष समेत छात्रों व शिक्षकों पर रविवार रात किए गए हिंसक हमले की कड़ी निंदा की है। पार्टी राज्य सचिव सुधाकर यादव ने कहा कि हमलावर गुंडे एबीवीपी के नेतृत्व में आए थे और केंद्रीय गृह मंत्रालय से संचालित दिल्ली पुलिस हमले के समय मूकदर्शक बनी रही। इसलिए इस मिलीभगत की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और हमलावरों को अविलंब गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हमलावरों को पुलिस और विवि प्रशासन का परोक्ष संरक्षण था। तभी इतने बड़े पैमाने पर संगठित हमला हुआ। जिसमें छात्रसंघ अध्यक्ष का सर फटा और दर्जनों छात्र व शिक्षक बुरी तरह घायल हुए हैं। हमला भाजपा और उसकी केंद्र सरकार के इशारे पर हुआ है। जेएनयू में वैचारिक, राजनीतिक संघर्ष में नहीं टिकने के कारण संघ व भाजपा शारीरिक हमले करवा रही है। इसके लिए सबसे पहले देश के सर्वोत्कृष्ट विवि को चुना गया। यह फासीवाद का नंगा नाच है। उन्होंने वाम, लोकतांत्रिक शक्तियों व शांतिप्रिय नागरिकों से इस फासीवादी हमले के खिलाफ एकजुट होकर आगे आने की अपील की। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के राज्य सचिव हीरा लाल यादव ने भी जेएनयू के छात्रों पर हमले की कड़ी निंदा करते हुए केंद्र सरकार पर फासीवादी रास्ते पर बढ़ने का आरोप लगाया। कहा कि भाजपा असहमति की आवाज को नहीं सुनना चाहती है। यह हमला लोकतंत्र पर हमला है।
10:44 PM, 05-JAN-2020
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा घायलों से मिलने एम्स ट्रॉमा सेंटर पहुंची हैं। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के 18 लोगों को विश्वविद्यालय में हिंसा के बाद भर्ती कराया गया है।
Delhi: Congress leader Priyanka Gandhi Vadra arrives at AIIMS Trauma Centre where 18 people from Jawaharlal Nehru University (#JNU) have been admitted following violence at university
1,286 people are talking about this
10:38 PM, 05-JAN-2020
जेएनयू में हिंसा मामले को लेकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने चिंता जाहिर की है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि हिंसा से स्तब्ध हूं। छात्रों पर हमला किया गया। दिल्ली पुलिस को हिंसा रोककर तत्काल शांति बहाल करनी चाहिए। देश कैसे तरक्की करेगा, जब छात्र यूनिवर्सिटी कैंपस में ही सुरक्षित नहीं रहेंगे। केजरीवाल ने उपराज्यपाल से बात कर दिल्ली पुलिस को कानून-व्यवस्था बहाल करने का निर्देश देने की मांग की। केजरीवाल ने कहा कि एलजी ने आश्वासन दिया है कि वे पूरे मामले पर नजदीक से नजर रख रहे हैं और उचित कदम उठाए जा रहे हैं।
उधर, आप सांसद संजय सिंह ने ट्विटर पर महिला प्रोफेसर सुचित्रा सेन का फोटो जारी कर कहा कि यह तस्वीर देखकर दिल दहल जाएगा। भाजपा ने क्या हाल कर दिया है। इसी जेएनयू से पढ़कर भाजपा नेता वित्त मंत्री और विदेश मंत्री बने हैं। इसी ने देश को हजारों अद्भुत प्रतिभाएं दी हैं। यह देश के गुरुजनों पर गुंडों का हमला है। भाजपा देश को बर्बाद कर रही है। संजय सिंह ने कहा कि जब से अमित शाह देश के गृह मंत्री बने हैं, हिंसा की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। दिल्ली में कानून-व्यवस्था बिगड़ गई है। कभी वकीलों को मारा जाता है तो कभी छात्रों को। अमित शाह को पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। गैंगवार हो रहा है। उन्होंने अमित शाह से इस्तीफा देने की मांग की।
10:30 PM, 05-JAN-2020
जेएनयू बवाल : एम्स ट्रामा सेंटर पहुंची प्रियंका गांधी, अमित शाह ने दिल्ली पुलिस से मांगी रिपोर्ट
छात्रसंघ ने एबीवीपी पर मारपीट व तोड़फोड़ का आरोप लगाया है, जबकि एबीवीपी ने इसके पीछे लेफ्ट विंग के छात्रों का हाथ बताया है। वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली पुलिस आयुक्त से बात की और स्थिति के बारे में जानकारी ली। एक अधिकारी ने बताया कि गृह मंत्रालय ने दिल्ली पुलिस से जेएनयू में हिंसा पर रिपोर्ट मांगी है।
अन्सार खान पत्रकार
7905251726