झांसी अब मेडिकल कॉलेज में भी हो सकेगी एंडोस्कोपी

 


 महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग में रविवार से मरीजों को एंडोस्कोपी की सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी। महज 300 रुपये की फीस जमा कर मरीज एंडोस्कोपी करा सकेंगे। निजी केंद्रों पर इसकी जांच कराने पर लगभग दो हजार रुपये लगते हैं।


एंडोस्कोप एक लंबी, पतली और लचीली ट्यूब होती है। इसके एक सिरे पर लाइट और कैमरा लगा होता है। कैमरे की मदद से ली गई तस्वीरें कंप्यूटर स्क्रीन पर भेजी जाती हैं। इस प्रक्रिया को ही एंडोस्कोपी कहते हैं। मेडिकल कॉलेज में गैस्ट्रोलॉजिस्ट नहीं होने के कारण अब तक एंडोस्कोपी जांच शुरू नहीं हो सकी थी। अब मेडिसिन विभाग के एक डॉक्टर को एंडोस्कोपी कराने के लिए प्रशिक्षण दिलाया गया। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद अब रविवार से मरीजों को रियायती दरों पर एंडोस्कोपी जांच कराने का मौका मिलेगा। मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. रामबाबू ने बताया कि शुरूआत में आंतों की एंडोस्कोपी शुरू की जाएगी। बीपीएल कार्ड धारक, असाध्य और आयुष्मान रोगियों की जांच नि:शुल्क होगी। 
इसलिए करते हैं जांच 
एंडोस्कोपी मशीन में पेट से जुड़ी अनेक बीमारियों में अल्सर, कैंसर, खून की उल्टी होने की वजह, मेलिना, छाती-पेट में दर्द, भोजन का नहीं पचना आदि शामिल हैं। जांच के बाद रोग स्पष्ट होने से उपचार शुरू करने में सुविधा होती है। 
ये सुविधा भी जल्द मिलेगी 
 किसी विशेष प्रकार की सर्जरी करने में मदद मिल सकेगी। 
एंडोस्कोपी की मदद से आंतों से ऊतक का सैंपल भी निकाला जा सकेगा। 
पेट के अंदर खून बहने की समस्या की जांच और उसका इलाज हो सकेगा।