ओरछा हत्याकांड पुलिस ने किया खुलासा

झांसी के वरिष्ठ चिकित्सक डीएन मिश्रा के भाई निधि मिश्रा के ड्राइवर की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। इस मामले में कार लूटकर भाग रहे लुटेरों में से एक मुरैना पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। लूटी गई कार भी बरामद कर ली गई है।  लुटेरे ने पुलिस को बताया है कि उन लोगों ने चालक से कार की चाबी मांगी। उसने नहीं दी तो हाथापाई हो गई और उस पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। 

जानकारी के मुताबिक दो आरोपियों ने मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। दोनों ही आरोपी हरियाणा के रहने वाले हैं। पुलिस ने मोहित जाट को किया गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरा आरोपी जीतेंद्र उर्फ भांजा अभी भी पुलिस गिरफ्त से बाहर है। पुलिस अधीक्षक ने दूसरे आरोपी पर 10 हजार का इनाम घोषित किया है।
 
हरियाणा के यह दोनों आरोपी प्रोफेशनल किलर और लुटेरे बताए जा रहे हैं। ये पूर्व में भी कई वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। मध्यप्रदेश पुलिस हरियाणा के चरखी और झज्जर थाने से इनके सारे रिकॉर्ड का पता लगाने में जुटी है।

आरोपी का कहना है कि आगरा, झांसी मथुरा में वारदात को अंजाम नहीं दे पाए तो ओरछा में वारदात को अंजाम दिया। आरोपी मोहित सिंह की ससुराल मऊरानीपुर में है, वहीं जाते समय रास्ते में बीच में ओरछा में इस वारदात को अंजाम दे दिया।

पुलिस अधीक्षक ने इस पूरे मामले में बताया की यह हार्ड कोर कर्मिनल हैं जो मध्यप्रदेश के अलावा कई अन्य इलाकों में इस तरह के वारदात को अंजाम दे चुके हैं। पुलिस हरियाणा से इनका पूरा रिकॉर्ड खंगाल रही है। 

उन्होंने कहा कि यह लूट के मकसद से ही हरियाणा से ट्रेन से आए थे। आगरा मथुरा झांसी में जब यह वारदात को अंजाम नहीं दे सके तो गाड़ी को लेकर इनका विवाद हो गया है। बदमाशों ने पहले इंद्रमणि तिवारी के ऊपर कट्टा रखकर चाबी ले जाने का प्रयास करने लगे। जब वह नहीं माना तो जतिन ने चाकुओं से गोंदकर उसकी हत्या कर दी। 


अन्यसार खान पत्रकार 


7905251726