डेटोनेटर की बारामदगी के चलते सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

 


 


 


झांसी। एक ही दिन बरेली और ललितपुर में बड़ी मात्रा में विस्फोटक की बरामदगी ने एटीएस व खुफिया एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। नए नागरिकता कानून (सीएए) के विरोध और समर्थन के बीच प्रदेश और देश का माहौल पहले से ही गरम है।


रविवार (दो फरवरी) को ललितपुर के ग्राम खसुआ के एक खेत में भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद हुआ। 72 डेटोनेटर बरामद हुए। उधर, बरेली बस अड्डे पर भी ढाई क्विंटल विस्फोटक बरामद हुआ। इसके बाद से एटीएस व खुफिया तंत्र में खलबली मच गई है। बड़ी मात्रा में ये बारूद आया कहां से और तमाम सुरक्षा व्यवस्था के बीच खुलेआम प्रदेश में इधर से उधर कैसे पहुंच रहा है। एटीएस खास विस्फोटक के प्रकार और इसका दुरुपयोग कर सकने वाले नेटवर्क तक पहुंचने के लिए तेजी सक्रिय हो गई है। माना जा रहा है कि यह बारूद प्रदेश में विस्फोट कर यहां का माहौल बिगाड़ने के लिए इकट्ठा जा रहा है। खुफिया एजेंसी पहले ही ऐसे खतरों के प्रति आगाह कर चुकी हैं।
एटीएस ने 21 जुलाई 2019 को झांसी के उल्दन और 25 अगस्त 2016 को कानपुर के घाटमपुर क्षेत्र व इसी दिन झांसी के मोंठ से बड़ी तादाद में विस्फोटक बरामद किया था। गिरफ्तार हुए छह लोगों में झांसी के साथ ही झारखंड और बिहार के लोग भी शामिल थे। इन्होंने पूछताछ में बताया था कि विस्फोटक झारखंड में माओवादियों तक पहुंचाया गया।
‘बरेली और ललितपुर में बड़ी मात्रा में विस्फोटक का बरामद होना गंभीर बात है। अगर इसका उपयोग किसी कारोबार के लिए होना था तो इसे सुरक्षित व्यवस्था के तहत पहुंचना चाहिए था। हर पहलू पर गंभीरता से जांच की जा रही है। इसके द्वारा हिंसा, अशांति या दहशत फैलाने के नजरिये से भी पड़ताल की जा रही है’
राकेश प्रकाश सिंह, एसपी एटीएस9
झांसी में भी कम नहीं खतरे
झांसी और बबीना में छावनी होने की वजह से यहां बड़ी तादाद में विस्फोटक की बरामदगी बड़ा खतरा है। आतंकियों के हाथ लगने पर छावनी क्षेत्र को नुकसान का खतरा काफी बढ़ जाता है। वाहनों में विस्फोटक भर कर उसे छावनी क्षेत्र में विस्फोट के कई मामले देश में हो चुके हैं।