एमएलबी मेडिकल कालेज में साक्षात्कार प्रक्रिया पर सबाल ?
महारानी लक्ष्मी बाई मेडिकल कालेज में आचार्य , सहायक आचार्य और सहआचार्य पदों के लिए परिसर में साक्षात्कार चल रहे हैं। इस प्रक्रिया में कितनी खामियां निहित हैं यह तो भारतीय चिकित्सा परिषद् जाने या फिर शासन जाने लेकिन झाँसी में इन दिनों कालेज की प्रधानाचार्य की कार्यशैली को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।
भाजपा शासन में शून्य भ्रष्टाचार को लेकर उच्च पदस्थ अधिकारी कितने संवेदनशील हैं यह बात महारानी लक्ष्मी बाई मेडिकल कालेज में चल रहे बन्दर बाँट से सिद्ध हो सकती है।
पुरे बुंदेलखंड में महारानी लक्ष्मी बाई मेडिकल कालेज का नाम गांव के अंतिम गरीब की बिमारी का सहारा साबित हुआ है लेकिन यहां सत्ता और शासन की सह मिलने पर बड़े-बड़े स्केम करने में भी जिम्मेदार अधिकारी आरोपित होते रहें हैं? वर्तमान में प्रधानाचार्या के पद को नारी शक्ति सुशोभित कर रही है। और नारी शक्ति का भरपूर प्रयोग करने में सच और झूठ को मिक्स वेज की तरह परखा जा रहा है। जो कह दिया तो फिर किसी का भय नहीं। महिला जब ठान ले तो झूठ को सच साबित कर सकती है ?
रिक्त पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन के अनुसार उम्मीदवारों को डाक के जरिये से ही आवेदन करना था जो सामान्य डाक के फॉर्म भी स्वीकार किए जाने के निर्देश थे लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पात्र उम्मीदवारों की कोई सूची नहीं लगाई गयी , कोई उपस्थिति का ब्यौरा सार्वजानिक नहीं किया गया, जैसे अनेक महत्वपूर्ण नियम शर्तों को नहीं माना गया। अनेक ऐसे आवेदक भी पहुंचे जिन उम्मीदवारों ने आवेदन नहीं किया था, वे भी साक्षात्कार के लिए समायोजित किये जाते रहे। भाई भतीजावाद को परवान चढ़ाते हुए चाहते अभ्यर्थियों से प्रश्न नहीं पूछे गए। कुल मिलाकर अनौखी साक्षात्कार प्रक्रिया की चर्चाएं आम होती रहीं। अनेक पात्र दावेदार का आरोप है कि साक्षात्कार परिणाम पहले से ही अंतिम रूप से तय कर लिए गए हैं। यह सब शासन की नजर में कोरम पूरा करने का ढोंग रचा जा रहा है ?
जबकि मेडिकल प्रिंसिपल साधना कौशिक ने यह साफ शब्दों में कहा है कि सबकुछ पारदर्शिता से हो रहा है और नियमानुसार हो रहा है