कामन सर्विस सेंटर का बूरा हाल, दो माह से नहीं मिला सैलरी। भुखे पेट कैसे करें कार्य। आखिर जिम्मेदारी किसकी



अम्बेडकर नगर: बैंकों के कदम से कदम मिलाकर चलने वाले बैंक मित्रो का बूरा हाल है, सैलरी न मिलने रोजमर्रा की आवश्यकताओं की पूर्ति करना CSC केन्द्र प्रभारियों पर भारी पड़ रहा है, वहीं बैंक मित्र संचालन में पूरी तरह से ईमानदारी से कार्य करते देखे जाते हैं, बैंक मित्रो के बैंक में भीड़ भी लगी रहती है। ईमानदारी के करते हुए भी वेतन न मिलने से लोगों में कठिनाइयों का सामना काफी करना पड़ रहा है। फैजाबाद, सुल्तान पुर, अम्बेडकर नगर में समय से सैलरी नहीं मिल पा रहा है । वही जिम्मेदार अधिकारियों से जब केन्द्र संचालक बात करते हैं सैलरी के लिए आज कल कहकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है लेकिन परिवार सभी के पास है जब मेहनत का धन समय पर नहीं मिलेगा तो कैसे भूखे पेट कोई कार्य कर सकता है। जिन बैंक मित्रों ने प्रधानमंत्री जनधन योजना खाता खोलने में दिन रात एक कर दिया प्रधानमंत्री जी के सपना साकार करने में आज उन्हीं के साथ अभद्रता से बात की जाती है उन्हीं के कॉर्पोरेट पीसी द्वारा अपना कमीशन पूछने पर कि सर कब आएगा , तो अधिकारी गोलमोल ज़बाब दे रहे हैं, यहां तक कहा जाता है कि कार्य  करो नहीं तो छोड़ कर जा सकते हो । रिपोर्टर के बातचीत में स्वयं विवेक पांडे जी जो तीनों जिले के इंचार्ज है उन्होंने कहा कि ऐसी बातें हमने कही थी हमको पता है उसने ही शिकायत किया है वहीं रिपोर्टर कोई और बात कह रहा था लेकिन सच्चाई उनके मुंह से निकल गयी फिलहाल सारी बातें रिकार्डिंग भी हो गयी। 


वहीं इस मामले में विवेक पांडे जी से दूरभाष पर बात किया गया तो मामले में बातों को घूमाकर ज़बाब दिया गया, उन्होंने बताया कि सैलरी 29 फरवरी तक आ जायेगी। फिर उन्होंने बताया कि सैलरी की जिम्मेदारी हमारी नहीं होती ये उच्चधिकारियों  के हाथों में होता है। जनाब आप कार्य करवाना जानते हैं लेकिन जब वेतन की बात है तो उच्चाधिकारी जाने।
फिलहाल कुछ भी हो लेकिन देखना है कि भूखे पेट कब तक अपने कर्मचारियों से कार्य करवाते रहेगे।


एडिटर अन्सार खान पत्रकार 


7905251726