vझांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 50 सीटों की मान्यता पर खतरा मंडराने लगा है। सर्जरी, रेडियो डायग्नोसिस, त्वचा रोग, एनाटॉमी, फिजियोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री समेत कई विभागों को मिलाकर लगभग 40 फीसदी फैकल्टी के पद खाली हो गए हैं। अगले मार्च के प्रथम सप्ताह में स्वास्थ्य मंत्रालय को फैकल्टी की रिपोर्ट भेजी जानी है। ऐसे में खाली पदों की सूची देखकर एमसीआई 50 सीटों की मान्यता रद्द कर सकती है।
मेडिकल कॉलेज में पिछले साल ही एमबीबीएस की सीटें 100 से बढ़कर 150 की गई थीं। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) ने फैकल्टी के पदों की स्थिति देखते हुए बिना निरीक्षण किए ही 50 सीटें बढ़ा दी थीं। उम्मीद थी कि आगामी वर्षों में फैकल्टी की संख्या में इजाफा होगा मगर उल्टा सीटें कम होने लगीं। अब मार्च के प्रथम सप्ताह में स्वास्थ्य मंत्रालय को फैकल्टी से संबंधित रिपोर्ट भेजी जानी है। मौजूदा समय में प्रोफेसर के 70 प्रतिशत और कुल मिलाकर 40 फीसदी पद रिक्त चल रहे हैं। सबसे बुरी स्थिति रेडियोडायग्नोसिस, स्किन और फिजियोलॉजी विभाग की है। चिकित्सा शिक्षकों की काफी तादाद में कमी देखकर स्वास्थ्य मंत्रालय एमसीआई निरीक्षण के लिए निर्देशित कर सकता है। ऐसे में पिछले साल बढ़ी 50 सीटों की मान्यता समाप्त भी की जा सकती है।
ये है स्थिति
सर्जरी विभाग में प्रोफेसर के दो, एसोसिएट के चार और प्रवक्ता के छह पद हैं। मौजूदा समय में दोनों प्रोफेसर, एक-एक एसोसिएट व असिस्टेंट प्रोफेसर के पद रिक्त हैं।
रेडियो डायग्नोसिस विभाग में प्रोफेसर के एक, एसोसिएट के दो, असिस्टेंट के तीन पद सृजित हैं। मौजूदा समय में एक एसोसिएट, दो असिस्टेंट प्रोफेसर के पद खाली हैं।
त्वचा रोग विभाग में एक एसोसिएट व दो असिस्टेंट प्रोफेसर का पद सृजित हैं। एक-एक एसोसिएट और असिस्टेंट प्रोफेसर के पद रिक्त चल रहे हैं।
एनाटॉमी विभाग में प्रोफेसर, एसोसिएट व असिस्टेंट प्रोफेसर के एक-एक पद सृजित हैं। प्रोफेसर व एसोसिएट प्रोफेसर के सभी पद रिक्त हैं।
फिजियोलॉजी विभाग में भी प्रोफेसर, एसोसिएट व असिस्टेंट प्रोफेसर के एक-एक पद सृजित हैं। तीनों ही खाली हैं। एक एसोसिएट प्रोफेसर डीजी ऑफिस से संबद्ध हैं।
बायोकेमिस्ट्री विभाग में प्रोफेसर व एसोसिएट प्रोफेसर के एक-एक, असिस्टेंट प्रोफेसर के दो पद सृजित हैं। सिर्फ असिस्टेंट प्रोफेसर के पद भरे हैं।
माइक्रोबायोलॉजी में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर व असिस्टेंट प्रोफेसर के एक-एक पद हैं। प्रोफेसर के पद पर चिकित्सा शिक्षक तैनात नहीं हैं।
फोरेंसिक मेडिसिन में भी प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर व असिस्टेंट प्रोफेसर के एक-एक पद हैं। मौजूदा समय में असिस्टेंट प्रोफेसर कार्यरत हैं।