झांसी अपराधी किस्म के तथाकथित पत्रकारों से पत्रकारों की छवि हो रही है धूमिल पत्रकार संगठन हुए सचेत

झाँसी उत्तर प्रदेश 


ग़ैर कानूनी अड्डों से बसूली में लिप्त हैं तथाकथित पत्रकार 
 
यूँ तो हर जगह इनकी बानगी मिल जाएगी लेकिन जनपद झाँसी में इस तरह के शातिर मिजाज युवकों को अनेक कथित पत्रकारों का पूरा संरक्षण है । ख़ुद को पत्रकार कह रहे इस समूह को कुछ असली पत्रकारों का आशीर्वाद प्राप्त है । आशीर्वाद और संरक्षण का चोला ओढ़े इस समूह में आजकल ग्रामीण महिलाओं की उपस्थिति चार चाँद लगा रही है । सुडोल शरीर भोलापन लिए चेहरे के नाक-नक्श और रंग ऐसा कि आप देखते ही रह जायें । इस गैंग का काम इन युवतियों का प्रयोग कर उन लोगों को फंसाना होता है जो अच्छे शिकार साबित हो सकें । पैसे वालों को अपने षड्यंत्र में फंसाकर उनका भयादोहन (ब्लैकमेलिंग) करना इस गैंग का कारोबार बनता जा रहा है । इस खेल में मुफीद हिस्सेदारी के लिए स्थानीय दैनिक समाचार पत्र के दो नामचीन कलमकारों की संलिप्तता परदे के पीछे से परछाईं में झलक रही है लेकिन इस चरित्र को सार्वजानिक करने के लिए अनेक पत्रकारों ने कमर कस ली है ।  
     स्थानीय स्तर पर बीते एक सप्ताह पूर्व प्रेस न्यूज़ क्लब के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ पत्रकार पवन झा सारथी के आवास पर बैठक में पत्रकारों ने निर्णय लिया है कि पत्रकारिता पेशे को कलंकित करने वाले तथाकथित पत्रकारों के चेहरे बेनकाब कर उन्हें जमात से बाहर किया जाए । जरूरी हुआ तो इस तरह के लोगों के विरुध्द मुकदद्मे पंजीकृत कराये जायेगें । संयुक्त मीडिया क्लब के एक पदाधिकारीने इस तरह व्यवस्था सुधार के लिए अभियान चलाने की बात कही  एक और दूसरे पदाधिकारी ने शराब – जुआ के अवैध अड्डों से उगाही करने वालों को बेनकाब करने के लिए रिपोर्टिंग की बात रखी । लोकतंत्र सेनानी एवं वयोबृद्ध पत्रकार बोले शासन को चूना लगाने वाले पत्रकार भी प्रशासन के कुछ भ्रष्ट अधिकारियों के चहेते बन कानून को ठेंगा दिखा रहे हैं, इनको सार्वजानिक होने के साथ जेल की सलाखों में पहुंचाने की भी जिम्मेदारी जागरूक पत्रकारों की होनी चाहिए । स्थानीय खोजी ख़बरों के लिए चर्चित साप्ताहिक समाचार पत्र के संपादक / पत्रकार ने कहा पत्रकारिता के आदर्शों के संरक्षण के लिए पत्रकार संगठनों को अपनी जिम्मेदारी को निभाना होगा । उन्होंने कहा व्यक्ति के चाल - चरित्र की समीक्षा के बाद ही उसे पत्रकार संगठन में स्थान देना चाहिए । संगठन के जिम्मेदार पदाधिकारियों की इसमे जबाब देही तय करना होगी । पत्रकार अन्सार खान ने कहा कि पत्रकारों को आपसी समंजस्य बनाने में सक्रियता दिखानी चाहिए तथा स्वार्थों से परे पत्रकारिता कि छवि धूमिल करने वालों को सबक सिखाने को कमर कसनी होगी । 
 बैठक में 


J . M. C. के अध्यक्ष मुकेश वर्मा ने कहा कि प्रतिस्पर्धा के चलते अनेक साथी नैतिक दायित्वों को दरकिनार कर देते हैं आगे कहा कि एक दूसरे को नीचा साबित करने के लिए कुछ पत्रकार अधिकारियों से मिलकर दोहरे चरित्र का परिचय देते हैं । उन्होने कहा पत्रकारों के हितों पर वह हमेशा वरिष्ठ पत्रकारों का मार्गदर्शन लेकर ही कदम आगे बड़ाते हैं ओर बड़ाते रहेगें । बीपीएन टाइम्स के संपादक सुधीर त्रिपाठी ने सुझाव दिया कि पत्रकार संगठनों की हर वर्ष संख्या बड़ जाती है , हर एक सक्रियता की आड़ ले संगठन का मुखिया बनने /बनाने में लग जाता है । इस समय दौर कुछ इस तरह से जारी है कि अलग-अलग समूहों में बटे यूनिट अपने –अपने शक्ति और जुनून को नीलाम करने को ताल ठोकते नजर आते हैं । उन्होने कहा संगठनों की “अपनी-ढपली, अपना राग” जनता , अधिकारी, नेता और समाज के अन्य प्रबुध्द वर्ग देख रहे हैं । कुछ ऐसा प्रयास करना होगा कि हमारे जनपद मी पत्रकारिता कि पहिचान ओर कार्यों कि सराहना राष्ट्रीय स्तर पर हो ? तब ही हमारी सफलता होगी । संपादक कमलेश विहारी पांडेय बोले अधिकारी और नेताओं की परिक्रमा करने वाले पत्रकारों को ज्यादा सूझबूझ की जरूरत है ।  वहीं वरिष्ठ पत्रकार शशांक त्रिपाठी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि ऐसे पत्रकार जो  कुछ महिलाओं को इस्तेमाल कर ब्लैकमेल का काम करतेे हैं ऐसे पत्रकारों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जरूरत है क्योंकि करता एक है और सामना हम सब पत्रकारों को करना पड़ता है 



कई  दौर में चली बैठक के साक्षी बने पत्रकारों में रवि साहू , पंकज झा , बी आर निसाद बट्टा गुरु , प्रभात सक्सेना , दीपक जौहरी , पवनदीप सिंह , धर्मेन्द्र वर्मा , आकाश कुलश्रेष्ठ , राम गोपाल शर्मा , राम किशन अकेला , पी.एन. दुबे, चंद्र शेखर पाण्डेय, इसरार , ब्रजेश कुशवाहा , अखिलेश परिहार, नीरज जैन, संजय शर्मा सहित अनेक पत्रकार प्रमुख रहे । पत्रकारों की संयुक्त सोच ओर प्रयास से आदर्श पत्रकारिता के लिए जो भी जरूरी है उसे करने को लेकर जल्द ही रूपरेखा को अंतिम रूप दिया जाएगा ।


एडिटर अन्सार खान पत्रकार 


7905251726